अगर आप अपने ज़रूरी दस्तावेज़ों (जैसे आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस) को डिजिटल रूप में सहेजने के लिए DigiLocker का उपयोग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक तत्काल अलर्ट जारी किया है। मंत्रालय ने आगाह किया है कि साइबर अपराधी DigiLocker के नाम पर हूबहू दिखने वाले नकली मोबाइल एप्लिकेशन बनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ये फर्जी ऐप्स आपकी व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी चुराने के इरादे से बनाए गए हैं।
खतरे की घंटी और मंत्रालय का निर्देश
मंत्रालय द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार, कई अनधिकृत (unauthorized) ऐप्स Google Play Store और Apple App Store के बाहर या अन्य थर्ड-पार्टी वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं। ये ऐप्स उपयोगकर्ताओं को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे आधिकारिक सरकारी सेवा का हिस्सा हैं।
उपयोगकर्ता जैसे ही इन फर्जी ऐप्स में अपना डेटा—खासकर आधार और पैन कार्ड की जानकारी—दर्ज करते हैं, उनकी निजी जानकारी तुरंत जालसाज़ों तक पहुंच जाती है। इस चोरी की गई जानकारी का इस्तेमाल बैंक धोखाधड़ी, पहचान की चोरी (identity theft) और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
MeitY की दो टूक: केवल आधिकारिक स्रोत पर भरोसा करें
फर्जी ऐप्स के बढ़ते खतरे को देखते हुए, MeitY ने नागरिकों से डिजिटल सुरक्षा में अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है। मंत्रालय ने स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं कि सुरक्षित रहने के लिए क्या करें और क्या न करें।
कैसे पहचानें असली DigiLocker ऐप?
मंत्रालय ने उपयोगकर्ताओं को केवल सत्यापित और आधिकारिक चैनलों का उपयोग करने का निर्देश दिया है। असली ऐप की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ये कदम उठाएं:
- आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें: ऐप केवल Google Play Store (Android के लिए) या Apple App Store (iOS के लिए) से ही डाउनलोड करें।
- डेवलपर का नाम जांचें: ऐप लिस्टिंग में, डेवलपर/प्रकाशनकर्ता (Developer/Publisher) का नाम “National e-governance Division, Government of India” या “Digital India Corporation” होना अनिवार्य है।
- आधिकारिक वेबसाइट लिंक: किसी भी संदेह की स्थिति में, ऐप डाउनलोड करने के लिए हमेशा DigiLocker की आधिकारिक वेबसाइट https://www.digilocker.gov.in पर दिए गए लिंक का ही उपयोग करें।
सुरक्षित रहने के लिए मुख्य सावधानियां:
- संदिग्ध लिंक्स से बचें: ईमेल, SMS, या WhatsApp पर प्राप्त किसी भी लिंक पर क्लिक करके ऐप डाउनलोड न करें।
- रिव्यू और परमिशन: ऐप इंस्टॉल करते समय उसकी रेटिंग, उपयोगकर्ता समीक्षाएं और मांगी गई परमिशन (अनुमतियां) की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि कोई ऐप अनावश्यक परमिशन मांगता है, तो उसे इंस्टॉल न करें।
- जागरूक रहें: अपने परिवार और दोस्तों को भी इस धोखाधड़ी के बारे में सूचित करें ताकि वे भी सुरक्षित रह सकें।
MeitY ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार डिजिटल सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन नागरिकों की जागरूकता और सावधानी ही साइबर हमलों से बचाव का पहला कदम है।